GST नंबर मिलने के बाद क्या करें: पहले महीने के 8 काम

पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन मंज़ूर हो गया, 15 अक्षर का GSTIN मिल गया। बधाई! अब पहला पक्का बिल काटने से पहले कुछ काम हैं, और उनमें से कुछ की समय-सीमा तय है।

नीचे वे 8 काम हैं, उसी क्रम में जिसमें करने हैं। हर काम के साथ यह भी लिखा है कि कब तक करना है और नियम कहाँ लिखा है। यह चेकलिस्ट रेगुलर (नॉर्मल) GST वालों के लिए है; कंपोज़िशन चुनी है, तो नीचे उसका अलग हिस्सा देखिए।

एक नज़र में

GST रजिस्ट्रेशन के बाद पहले महीने के 8 काम
#कामकब तक
1सर्टिफ़िकेट दुकान में, GSTIN बोर्ड परअभी
2GST पोर्टल पर बैंक खातारजिस्ट्रेशन मिलने के 30 दिन में, या पहला GSTR-1/IFF भरने से पहले, जो पहले हो
3पक्का बिल और बिल नंबरपहले बिल से
4सामान की लिस्ट: HSN और रेटपहले बिल से
5रजिस्ट्रेशन से पहले के बिल: रिवाइज़्ड इनवॉइससर्टिफ़िकेट मिलने के एक महीने में (अगर लागू हो)
6पुराने स्टॉक पर ITC: फ़ॉर्म ITC-01हक़ बनने के 30 दिन में (अगर लागू हो)
7रिटर्न: GSTR-1 और GSTR-3Bहर महीने या हर तिमाही
8ख़रीद के बिल, ITC और हिसाब-किताबरोज़

1. सर्टिफ़िकेट दुकान में लगाइए, बोर्ड पर GSTIN लिखवाइए

सरकार काग़ज़ का सर्टिफ़िकेट नहीं भेजती। रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट (फ़ॉर्म REG-06) GST पोर्टल पर मिलता है: लॉग-इन करके Services → User Services → View/Download Certificate से डाउनलोड कीजिए (GST Welcome Kit)। उसके पहले पेज पर GSTIN, नाम, पता और रजिस्ट्रेशन की तारीख़ होती है।

नियम दो बातें कहता है (CGST नियम 18):

  • सर्टिफ़िकेट मुख्य दुकान में, और सर्टिफ़िकेट में दर्ज हर दूसरी जगह (additional place of business) पर भी, ऐसी जगह लगाइए जहाँ साफ़ दिखे।
  • दुकान के बाहर, दरवाज़े पर लगे नाम के बोर्ड पर GSTIN लिखवाइए; हर जगह के बोर्ड पर।

सर्टिफ़िकेट पर रजिस्ट्रेशन लागू होने की तारीख़ (effective date) ध्यान से देखिए। आपने रजिस्ट्रेशन की ज़रूरत पड़ने के 30 दिन के अंदर आवेदन किया था, तो रजिस्ट्रेशन उसी दिन से लागू माना जाता है जिस दिन ज़रूरत पड़ी; देर से किया, तो मंज़ूरी की तारीख़ से (नियम 10)। काम नंबर 5, 6 और 7 इसी तारीख़ पर टिके हैं।

2. GST पोर्टल पर बैंक खाता जोड़िए

रजिस्ट्रेशन मिलने के 30 दिन के अंदर, या पहला GSTR-1 (या IFF) भरने से पहले, जो भी पहले हो, अपने बैंक खाते की जानकारी पोर्टल पर डालनी है (नियम 10A)।

इसे टालिए मत। नियम 10A न मानने पर रजिस्ट्रेशन सस्पेंड हो सकता है और नोटिस (REG-31) आता है (नियम 21A(2A))। सस्पेंशन के दौरान आप पक्का बिल नहीं काट सकते।

कैसे करें (पोर्टल की FAQ):

  • GSTIN मिलने के बाद पहली बार लॉग-इन करते ही पोर्टल non-core amendment भरने को कहता है; उसी में बैंक खाता जुड़ता है। बाद में करना हो तो: Services → Registration → Amendment of Registration Non-Core Fields।
  • सबूत के लिए बैंक स्टेटमेंट या पासबुक का पहला पेज लगता है। 10 खाते तक जोड़ सकते हैं।
  • दुकान के नाम का खाता अभी खुला नहीं है, तो अपना निजी खाता डालिए और करंट खाता खुलते ही बदल दीजिए।

3. पक्का बिल और बिल नंबर

अब GST वाले माल की हर बिक्री पर टैक्स इनवॉइस यानी पक्का बिल देना है, माल रवाना करते समय या उससे पहले (CGST धारा 31)। पक्का और कच्चा बिल का फ़र्क यहाँ समझिए: पक्का बिल और कच्चा बिल।

बिल नंबर का नियम (नियम 46):

  • नंबर सिलसिलेवार (लगातार) हो;
  • 16 अक्षर तक; अक्षर, अंक, डैश (-) और स्लैश (/) चल सकते हैं;
  • एक या एक से ज़्यादा सीरीज़ रख सकते हैं;
  • एक वित्त वर्ष में कोई नंबर दोबारा न आए।

पुरानी बिल-बुक जिस पर GSTIN छपा ही नहीं, अब काम की नहीं। बिल पर क्या-क्या होना चाहिए, पूरी लिस्ट: मोबाइल से GST बिल बनाने का पूरा तरीका। नंबर देने के तरीक़े (अंग्रेज़ी में): How to number invoices।

4. सामान की लिस्ट: HSN कोड और GST रेट

जो माल बेचते हैं, उसकी एक लिस्ट बनाइए: हर सामान का HSN कोड, यूनिट और GST रेट। शुरुआत सप्लायर के पक्के बिल से कीजिए, उस पर HSN लिखा होता है; शक हो तो CA से मिलाइए। कितने अंक का HSN लिखना है और कोड कहाँ मिलेगा: HSN कोड क्या होता है।

भाव “GST मिलाकर” तय करते हैं, तो बिल के लिए टैक्स से पहले का रेट निकालना आना चाहिए: GST कैसे निकालें।

एक बात साफ़ रहे: रजिस्ट्रेशन लागू होने की तारीख़ से पहले की बिक्री पर GST मत जोड़िए। जो रजिस्टर्ड नहीं, वह टैक्स के नाम पर कुछ नहीं वसूल सकता (धारा 32)।

5. रजिस्ट्रेशन से पहले के बिल: रिवाइज़्ड इनवॉइस

अक्सर रजिस्ट्रेशन लागू होने की तारीख़ सर्टिफ़िकेट मिलने से पहले की होती है (काम नंबर 1 देखिए)। बीच के दिनों में आपने बिल बिना GST के दिए होंगे।

क़ानून कहता है कि ऐसे बिलों के बदले आप सर्टिफ़िकेट मिलने के एक महीने के अंदर “रिवाइज़्ड इनवॉइस” दे सकते हैं (धारा 31(3)(a))। उस पर (नियम 53):

  • ऊपर साफ़ अक्षरों में “Revised Invoice”;
  • अपना नंबर और तारीख़, आपका और पार्टी का नाम, पता और GSTIN;
  • पुराने बिल का नंबर और तारीख़;
  • आपके दस्तख़त।

बिना GST नंबर वाले ग्राहकों के लिए उस दौर की सारी बिक्री का एक जोड़ (consolidated) रिवाइज़्ड इनवॉइस भी बन सकता है। उस दौर की बिक्री पर टैक्स कैसे भरना है और रिवाइज़्ड इनवॉइस देनी है या नहीं, यह अपने CA के साथ तय कीजिए।

6. पुराने स्टॉक पर ITC: फ़ॉर्म ITC-01

रजिस्ट्रेशन की ज़रूरत पड़ने के 30 दिन के अंदर आवेदन किया था, तो जिस दिन से टैक्स लगना शुरू हुआ, उससे पिछले दिन दुकान में पड़े माल (और अधबने या बने माल में लगे कच्चे माल) पर ITC मिल सकता है (धारा 18(1)(a))। अपनी मर्ज़ी से (बिना ज़रूरत) रजिस्ट्रेशन लिया है, तो मंज़ूरी से पिछले दिन का स्टॉक गिना जाता है।

शर्तें, जो छोटी नहीं हैं (नियम 40):

  • पोर्टल पर फ़ॉर्म ITC-01 में ब्योरा, हक़ बनने के 30 दिन के अंदर;
  • दावा ₹2 लाख से ज़्यादा हो, तो उस पर CA या कॉस्ट अकाउंटेंट का सर्टिफ़िकेट;
  • उस माल के GST वाले ख़रीद बिल चाहिए, और एक साल से पुराने बिल पर यह ITC नहीं मिलता (धारा 18(2))।

तारीख़ें आपके केस पर टिकी हैं, इसलिए यह काम CA से ही करवाइए।

7. रिटर्न का कैलेंडर: GSTR-1, GSTR-3B और QRMP

रजिस्ट्रेशन जिस महीने से लागू है, उस महीने से रिटर्न शुरू (धारा 39)। महीने में कोई बिक्री न हो, तब भी रिटर्न भरना है; उसे Nil रिटर्न कहते हैं (GSTR-3B FAQ)।

GSTR-1 और GSTR-3B की आख़िरी तारीख़ें
रिटर्नक्या हैमासिक वालों के लिएतिमाही (QRMP) वालों के लिए
GSTR-1बिक्री के बिलों का ब्योराअगले महीने की 11 तारीख़तिमाही के बाद वाले महीने की 13 तारीख़
GSTR-3Bबिक्री, ITC और टैक्स का जोड़, टैक्स जमाअगले महीने की 20 तारीख़तिमाही के बाद वाले महीने की 22 या 24 तारीख़ (राज्य के हिसाब से)

स्रोत: GSTR-1 FAQ, GSTR-3B FAQ। सरकार नोटिफ़िकेशन से तारीख़ बढ़ा भी सकती है, इसलिए पोर्टल पर देखते रहिए।

QRMP यानी तिमाही रिटर्न, महीने का टैक्स: पिछले साल का टर्नओवर ₹5 करोड़ तक हो, या इसी साल रजिस्ट्रेशन लिया हो और टर्नओवर ₹5 करोड़ तक रहने की उम्मीद हो, तो GSTR-1 और GSTR-3B तिमाही में भर सकते हैं (GSTR-1 FAQ)। तब भी तिमाही के पहले दो महीनों का टैक्स हर महीने जमा होता है, चालान PMT-06 से, अगले महीने की 25 तारीख़ तक। GST वाले ख़रीदारों को उन महीनों का ITC जल्दी दिलाना हो, तो IFF नाम की सुविधा से बिल अगले महीने की 13 तारीख़ तक डाल सकते हैं; यह मर्ज़ी की बात है (QRMP FAQ)।

मासिक या तिमाही, क्या आपके लिए ठीक है, यह CA से तय कीजिए। ज़्यादा जानकारी (अंग्रेज़ी में): QRMP scheme। देर से रिटर्न पर लेट फ़ीस और ब्याज लग सकता है (GST Welcome Kit); उसकी बात यहाँ है: GST late fees and penalties।

8. ख़रीद के बिल, ITC और हिसाब-किताब

ITC की बुनियादी शर्तें (धारा 16(2)): ख़रीद का पक्का बिल आपके पास हो; सप्लायर ने वह बिल अपने GSTR-1 में भरा हो; माल आपको मिल गया हो; सप्लायर ने टैक्स सरकार को जमा किया हो; और आपने अपना रिटर्न भरा हो।

इसलिए आज ही अपने सभी सप्लायरों को अपना GSTIN भेज दीजिए, ताकि उनके बिल आपके नंबर पर बनें। आपके हिस्से के बिल पोर्टल पर GSTR-2B में दिखते हैं (अंग्रेज़ी में: GSTR-2B explained)। कुछ ख़र्चों पर ITC मिलता ही नहीं (धारा 17(5)); वह लिस्ट CA से समझ लीजिए। पूरी गाइड (अंग्रेज़ी में): Input tax credit guide।

पार्टियों के GSTIN जाँचकर सेव कीजिए। ग़लत नंबर पर बिल गया, तो पार्टी का ITC अटकता है: GST नंबर कैसे चेक करें।

हिसाब-किताब (धारा 35): मुख्य दुकान पर ख़रीद और बिक्री, स्टॉक, लिया गया ITC और देय व जमा किया टैक्स, इन सबका सही हिसाब रखना है; कंप्यूटर या मोबाइल पर रखना भी चलता है। ये रिकॉर्ड उस साल के सालाना रिटर्न की आख़िरी तारीख़ से 72 महीने (6 साल) तक संभालकर रखने हैं (धारा 36)।

माल गाड़ी से भेजते हैं, तो ₹50,000 से ज़्यादा के माल पर e-way bill चाहिए; राज्य के अंदर की सीमा हर राज्य तय करता है (e-way bill FAQ)। नियम (अंग्रेज़ी में): E-way bill rules।

उदाहरण: एक दुकान का पहला महीना

(नाम और तारीख़ें काल्पनिक) आगरा के “अग्रवाल किराना एंड जनरल स्टोर” को 1 नवंबर से GST रजिस्ट्रेशन की ज़रूरत पड़ी। उन्होंने 3 नवंबर को आवेदन किया, यानी 30 दिन के अंदर, इसलिए रजिस्ट्रेशन 1 नवंबर से लागू है। सर्टिफ़िकेट 12 नवंबर को मिला।

  • 12 नवंबर: सर्टिफ़िकेट डाउनलोड करके दुकान में लगाया, बोर्ड पर GSTIN लिखवाया।
  • बैंक खाता: 12 दिसंबर तक; पर उससे पहले GSTR-1 या IFF भरना हो, तो उससे पहले।
  • 1 से 12 नवंबर के बिल: इनके रिवाइज़्ड इनवॉइस, अगर देने हों, तो 12 दिसंबर तक।
  • 31 अक्टूबर को दुकान में पड़ा माल: उस पर ITC-01; सही तारीख़ CA बताएँगे।
  • पहला रिटर्न नवंबर का: मासिक चुना तो GSTR-1 11 दिसंबर तक और GSTR-3B 20 दिसंबर तक। QRMP चुना तो नवंबर का टैक्स PMT-06 से 25 दिसंबर तक, और अक्टूबर–दिसंबर तिमाही का GSTR-1 13 जनवरी तक, GSTR-3B 22 या 24 जनवरी तक (राज्य के हिसाब से)।

कंपोज़िशन चुनी है, तो

कंपोज़िशन वाले व्यापारी के काम अलग हैं। वह टैक्स इनवॉइस नहीं, बिल ऑफ़ सप्लाई देता है (धारा 31(3)(c)), ग्राहक से GST नहीं वसूल सकता और ITC नहीं ले सकता (धारा 10(4))। उसके रिटर्न भी अलग हैं (CMP-08 और GSTR-4), और दुकान के बोर्ड पर “composition taxable person” लिखना होता है (GST Welcome Kit)। BillBabu App सिर्फ़ टैक्स इनवॉइस बनाता है, बिल ऑफ़ सप्लाई नहीं, इसलिए कंपोज़िशन वालों के बिल के लिए यह ठीक नहीं है।

आम गलतियाँ

  • बैंक खाता पोर्टल पर न डालना, और फिर रजिस्ट्रेशन सस्पेंड होने का नोटिस।
  • रजिस्ट्रेशन लागू होने से पहले के बिलों पर GST जोड़ देना।
  • रिवाइज़्ड इनवॉइस का एक महीना निकल जाने देना, बिना CA से बात किए।
  • पुरानी बिल-बुक चलाते रहना, जिस पर GSTIN छपा ही नहीं।
  • बिक्री न होने पर रिटर्न छोड़ देना: Nil रिटर्न भी भरना होता है।
  • सप्लायरों को अपना GSTIN न देना, जिससे उनके बिल आपके नंबर पर नहीं बनते और ITC अटकता है।

पहला पक्का बिल मोबाइल से: BillBabu App

BillBabu App GST वाले दुकानदारों के लिए मोबाइल बिलिंग ऐप है। पहला पक्का बिल ऐसे बनता है:

  1. दुकान की जानकारी:

    नाम, पता और GSTIN। शुरुआती सेटअप में GSTIN डालते ही ऐप उसका फ़ॉर्मेट और राज्य कोड देखता है और राज्य भर देता है। अपना बैंक खाता और IFSC ऐप में डालें, तो वह बिल की PDF पर छपता है, ताकि पार्टी सीधे खाते में पेमेंट करे।
  2. सामान:

    हर आइटम HSN कोड, यूनिट और GST रेट के साथ एक बार सेव कीजिए; बिल में चुनते ही सब भर जाता है।
  3. पार्टी:

    नाम, पता, राज्य और GSTIN एक बार।
  4. बिल:

    नंबर अपने-आप लगता है (INV-2026-0001, INV-2026-0002…), और हर लाइन का GST, CGST + SGST या IGST, ऐप ख़ुद जोड़ता है।
  5. भेजना:

    बिल की PDF फ़ोन के शेयर बटन से सीधे पार्टी के WhatsApp पर।

महीने के आख़िर में ऐप से महीने की GST रिपोर्ट (CGST, SGST, IGST) की PDF निकालकर CA को दे सकते हैं।

साफ़-साफ़, ऐप क्या नहीं करता: रिटर्न नहीं भरता; GST पोर्टल पर बैंक खाता, ITC-01 या कोई और फ़ॉर्म नहीं भरता; रिवाइज़्ड इनवॉइस, बिल ऑफ़ सप्लाई, e-way bill या e-invoice नहीं बनाता। ये काम पोर्टल पर या CA के साथ होंगे।

बिल नंबर के बारे में एक बात: ऐप की गिनती कैलेंडर साल से चलती है और 1 जनवरी से नई शुरू होती है; अपनी पसंद की सीरीज़ (जैसे INV/26-27/001) ऐप में नहीं बनती। हर नंबर अलग रहता है। फिर भी आपका CA अप्रैल–मार्च वाली सीरीज़ चाहें, तो शुरू करने से पहले उनसे बात कर लीजिए।

सवाल-जवाब

GST नंबर मिलने के बाद पहला पक्का बिल कब से काटें?
रजिस्ट्रेशन लागू होने की तारीख़ से GST वाली बिक्री पर पक्का बिल देना है। सर्टिफ़िकेट उसके बाद मिला हो, तो बीच के बिलों के लिए रिवाइज़्ड इनवॉइस का रास्ता है (काम नंबर 5)।
रिटर्न कब से भरना है?
रजिस्ट्रेशन जिस महीने से लागू है, उसी महीने से। मासिक में GSTR-1 अगले महीने की 11 और GSTR-3B 20 तारीख़ तक; तिमाही (QRMP) में तिमाही के बाद वाले महीने की 13 और 22/24 तारीख़ तक।
बोर्ड पर GST नंबर लिखना ज़रूरी है?
हाँ। नियम 18 के मुताबिक़ GSTIN हर दुकान के बाहर नाम के बोर्ड पर होना चाहिए, और सर्टिफ़िकेट दुकान के अंदर ऐसी जगह जहाँ साफ़ दिखे।
रजिस्ट्रेशन से पहले के बिलों का क्या करें?
लागू होने की तारीख़ से सर्टिफ़िकेट मिलने तक के बिलों के लिए सर्टिफ़िकेट के एक महीने के अंदर रिवाइज़्ड इनवॉइस दे सकते हैं। लागू होने की तारीख़ से पहले की बिक्री पर GST नहीं जुड़ता। अपना मामला CA से पक्का कीजिए।
बैंक खाता पोर्टल पर न डालें तो क्या होगा?
नियम 10A का पालन न होने पर रजिस्ट्रेशन सस्पेंड हो सकता है, और सस्पेंशन में आप पक्का बिल नहीं काट सकते। इसलिए 30 दिन के अंदर, या पहले GSTR-1 से पहले, खाता जोड़ दीजिए।

शुरू कैसे करें

GST नंबर आ गया है और पार्टियाँ पक्का बिल माँग रही हैं, तो BillBabu App में दुकान, सामान और पार्टी एक बार सेव कीजिए और पहला बिल WhatsApp पर भेजिए। शुरुआती बिल फ़्री, कार्ड की ज़रूरत नहीं; ज़्यादा बिलों के लिए Pro (पेड, Google Play से)।

Google Play पर BillBabu App डाउनलोड करें →

रजिस्ट्रेशन अभी बाक़ी है? आवेदन के क़दम (अंग्रेज़ी में): GST registration process।

ज़रूरी बात: यह पेज आम जानकारी के लिए है, टैक्स या क़ानूनी सलाह नहीं। ऊपर के नियम अक्टूबर 2026 तक के हैं और आगे बदल सकते हैं। कोई भी फ़ैसला लेने से पहले GST पोर्टल और CBIC पर ताज़ा नियम देखिए और अपने CA से बात कीजिए।

BillBabu App, Central Bharat Labs का एक प्राइवेट ऐप है; यह कोई सरकारी सेवा नहीं देता और भारत सरकार, GSTN या CBIC से जुड़ा नहीं है। रजिस्ट्रेशन, रिटर्न और पोर्टल के सारे काम GST पोर्टल पर होते हैं।

नियम जाँचे गए: 27 अक्टूबर 2026। सरकारी स्रोत: नियम 18, नियम 10A, नियम 46, नियम 53, धारा 18, नियम 40, GSTR-1 FAQ, GSTR-3B FAQ, QRMP FAQ, GST Welcome Kit।

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