उधारी का हिसाब, मोबाइल में

“भैया, महीने के आख़िर में दे दूँगा।” हर दुकान में यह रोज़ सुनने को मिलता है। उधारी की डायरी में पन्ने बढ़ते जाते हैं, और महीने के आख़िर में हिसाब मिलाना सिरदर्द बन जाता है। BillBabu में हर ग्राहक का खाता अपने-आप बनता है: कितने का माल गया, कितना पैसा आया और कितना बाकी है।

BillBabu बिलिंग ऐप है, अलग से उधार-खाता ऐप नहीं। इसलिए उधारी का हिसाब आपके बिल और पेमेंट से ख़ुद जुड़ता है, दो जगह लिखने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

In English: read this page in English

हर ग्राहक का अलग खाता

ग्राहक (पार्टी) एक बार जोड़िए: नाम, फ़ोन, पता। उसके बाद उसके नाम पर जो भी बिल बनेगा, वह उसके खाते में चढ़ जाएगा। ग्राहक का खाता खोलते ही ऊपर तीन रक़में दिखती हैं: कुल कितने के बिल बने, कितना पैसा मिल चुका और कितना बाकी है। नीचे हर बिल और हर पेमेंट तारीख़ के साथ।

सप्लायर का हिसाब भी ऐसे ही: उनसे आए माल का ख़रीदारी वाला बिल डालिए, उनका खाता अलग दिखेगा।

पैसा आया तो दर्ज कीजिए: नकद, UPI, चेक

ग्राहक के खाते में “Payment जोड़ें” दबाइए, रक़म और तारीख़ डालिए और तरीका चुनिए: नकद, बैंक ट्रांसफ़र, चेक, UPI, कार्ड या अन्य। चाहें तो चेक नंबर या UPI का रेफ़रेंस और कोई नोट भी लिख दीजिए।

पूरा पैसा न आए तो जितना आया उतना ही डालिए। बाकी रक़म खाते में बकाया दिखती रहेगी। UPI से पैसा लेना हो तो ऐप आपके बैंक खाते से QR कोड बनाता है, जिसे ग्राहक GPay, PhonePe, Paytm या BHIM से स्कैन कर सकता है।

BillBabu ऐप में Gupta Traders का पेमेंट जोड़ने की स्क्रीन: तरीका चुनें, नकद, बैंक ट्रांसफ़र, चेक, UPI, कार्ड या अन्य

किस पर कितना बाकी, एक नज़र में

पार्टी की लिस्ट खोलिए: जिन पर पैसा बाकी है, उनकी रक़म लाल रंग में दिखती है, और जिनका हिसाब साफ़ है उन पर “No Dues”। किसी ग्राहक पर टैप कीजिए तो उसका पूरा खाता खुल जाता है, और वहीं से सीधे फ़ोन भी लगा सकते हैं।

महीने के आख़िर में डायरी के पन्ने पलटने की ज़रूरत नहीं: किसे फ़ोन करना है, लिस्ट ख़ुद बता देती है।

BillBabu ऐप में Gupta Traders का खाता: बकाया राशि ₹1,50,380, मिला ₹75,000, कुल ₹2,25,380, और नीचे बिल और पेमेंट की लिस्ट

खाते की PDF ग्राहक को भेजिए

ग्राहक कहे “इतना कैसे हो गया?”, तो बहस मत कीजिए, खाता भेज दीजिए। ग्राहक के खाते से उसकी स्टेटमेंट की PDF बनाइए, जिसमें शुरू की बकाया रक़म, हर बिल, हर पेमेंट और आख़िर में बाकी रक़म होती है। WhatsApp पर भेज दीजिए, ग्राहक ख़ुद मिला लेगा।

ऐप अपने-आप ग्राहक को याद नहीं दिलाता (रिमाइंडर नहीं भेजता)। याद दिलाना हो तो खाते की PDF भेजिए या ऐप से फ़ोन कीजिए।

कागज़ की उधारी डायरी से कैसे शिफ्ट करें

  1. 1

    आज का हिसाब निकालिए

    डायरी से हर ग्राहक की आज की बकाया रक़म एक जगह लिख लीजिए।
  2. 2

    ग्राहक जोड़िए

    BillBabu में हर ग्राहक को पार्टी की तरह जोड़िए और "ओपनिंग बैलेंस" में उसकी बकाया रक़म डालिए।
  3. 3

    आगे से बिल ऐप में

    अब से उधार पर दिया माल ऐप में बिल बनाकर दीजिए। बिल की रक़म अपने-आप उसके खाते में जुड़ेगी।
  4. 4

    पैसा आते ही दर्ज

    जिस दिन पैसा आए, उसी दिन पेमेंट डालिए। बकाया अपने-आप घटेगा।
  5. 5

    डायरी संभालकर रखिए

    पुरानी डायरी फेंकिए मत, पुराने हिसाब के लिए काम आएगी।

Google Play पर BillBabu डाउनलोड करें → 14 दिन मुफ़्त, कार्ड की ज़रूरत नहीं। ऐप हिंदी में चलता है।

सवाल-जवाब

क्या ऐप ग्राहक को बकाया की याद दिलाता है?
नहीं, अपने-आप रिमाइंडर नहीं जाता। आप ग्राहक का खाता PDF बनाकर WhatsApp पर भेज सकते हैं या ऐप से सीधे कॉल कर सकते हैं।
पुरानी उधारी कैसे डालें?
ग्राहक (पार्टी) जोड़ते समय "ओपनिंग बैलेंस" में पुरानी बकाया रक़म डाल दीजिए। उसके बाद के बिल और पेमेंट ऐप अपने-आप जोड़ता है।
आधा पेमेंट आए तो?
जितना पैसा आया उतना ही दर्ज कीजिए। बाकी रक़म उस ग्राहक के खाते में बकाया दिखती रहेगी।
क्या सप्लायर का हिसाब भी रख सकते हैं?
हाँ। सप्लायर को भी पार्टी की तरह जोड़िए। उनसे ख़रीदारी के बिल (पर्चेज़) डालिए, तो उनका खाता भी अलग से दिखेगा।

ये भी पढ़िए