GST कैसे निकालें: कुल रक़म से GST निकालने और जोड़ने का आसान फ़ॉर्मूला

पार्टी फ़ोन पर कहती है: “भाव GST मिलाकर ₹11,800 है।” अब पक्के बिल पर टैक्स से पहले की रक़म और GST अलग-अलग लिखने हैं। ₹11,800 में GST कितना है? या उल्टा: भाव ₹10,000 है “ऊपर से GST”, तो पार्टी को टोटल कितना बताएँ?

दोनों सवालों का जवाब एक-एक लाइन का फ़ॉर्मूला है। नीचे दोनों, उदाहरण के साथ, और वह आम ग़लती भी जो बहुत-से लोग करते हैं।

In English: GST calculator

दो सवाल, दो फ़ॉर्मूले

GST जोड़ने और निकालने के फ़ॉर्मूले
आपको क्या करना हैफ़ॉर्मूला
GST जोड़ना (भाव GST से पहले का है)GST = रक़म × रेट ÷ 100; टोटल = रक़म + GST
GST निकालना (टोटल में GST पहले से शामिल है)टैक्स से पहले की रक़म = टोटल ÷ (1 + रेट ÷ 100); GST = टोटल − टैक्स से पहले की रक़म

GST सीधे निकालना हो, तो यह भी चलता है: GST = टोटल × रेट ÷ (100 + रेट)।

यहाँ 5% और 18% सिर्फ़ उदाहरण के रेट हैं। आपके सामान पर कौन-सा रेट लगेगा, यह नीचे “कौन-सा रेट?” वाले हिस्से में देखिए।

GST जोड़ना: भाव पर ऊपर से GST

उदाहरण 1: भाव ₹10,000, रेट 18%

  • GST = 10,000 × 18 ÷ 100 = ₹1,800
  • टोटल = 10,000 + 1,800 = ₹11,800

उदाहरण 2: भाव ₹1,000, रेट 5%

  • GST = 1,000 × 5 ÷ 100 = ₹50
  • टोटल = ₹1,050

छोटा तरीका: 18% के लिए भाव को 1.18 से गुणा कीजिए, 5% के लिए 1.05 से। 10,000 × 1.18 = 11,800।

टोटल अमाउंट से GST निकालना

जब भाव “GST मिलाकर” बताया गया हो, तो टोटल को (1 + रेट ÷ 100) से भाग दीजिए:

किस रेट पर किससे भाग दें
रेट (उदाहरण)किससे भाग दें
5%1.05
18%1.18
40%1.40

उदाहरण 1: ₹11,800, जिसमें 18% GST शामिल है

  • टैक्स से पहले = 11,800 ÷ 1.18 = ₹10,000
  • GST = 11,800 − 10,000 = ₹1,800
  • जाँच: 11,800 × 18 ÷ 118 = 1,800 ✔

उदाहरण 2: ₹1,050, जिसमें 5% GST शामिल है

  • टैक्स से पहले = 1,050 ÷ 1.05 = ₹1,000
  • GST = ₹50

दुकान का उदाहरण (नाम काल्पनिक): लखनऊ की “गुप्ता किराना” ने एक कार्टन ₹1,180 में लिया, 18% GST (उदाहरण रेट) मिलाकर। 1,180 ÷ 1.18 = ₹1,000 टैक्स से पहले, और GST ₹180। सप्लायर भी उत्तर प्रदेश का है, तो बिल पर ₹90 CGST + ₹90 SGST। कार्टन में 10 पीस हैं और हर पीस ₹118 में GST मिलाकर बिकता है, तो हर पीस का हिसाब भी वही: ₹100 + ₹18।

सबसे आम ग़लती: टोटल का सीधा 18%

₹11,800 में से GST निकालने के लिए बहुत-से लोग सीधे ₹11,800 का 18% कर देते हैं: ₹2,124। यह ग़लत है। 18% GST ₹10,000 पर लगा था, ₹11,800 पर नहीं। इस तरीके से GST ₹324 ज़्यादा निकलता है।

दूसरी ग़लती इसी का उल्टा है: ₹11,800 में से ₹2,124 घटाकर टैक्स से पहले की रक़म ₹9,676 मान लेना। सही रक़म ₹10,000 है।

गुप्ता किराना वाले कार्टन पर यही ग़लती करें, तो ₹1,180 × 18% = ₹212.40 आता है, यानी असली ₹180 से ₹32.40 ज़्यादा। हर बिल पर थोड़ा-थोड़ा, पर साल भर में हिसाब बिगाड़ देता है।

CGST + SGST या IGST में बाँटना

GST की रक़म एक बार निकल गई, तो बँटवारा आसान है:

  • माल अपने ही राज्य में: GST आधा-आधा, CGST और SGST (CGST धारा 9)। 18% का मतलब 9% + 9%; ₹1,800 = ₹900 CGST + ₹900 SGST। 5% हो तो 2.5% + 2.5%।
  • माल दूसरे राज्य में: पूरा GST एक साथ IGST (IGST धारा 5)। ₹1,800 का पूरा IGST।

टोटल टैक्स दोनों में बराबर रहता है; बस किस खाते में जाता है, यह बदलता है। अपने राज्य और दूसरे राज्य का फ़र्क IGST क़ानून की धारा 7 और 8 में है। पूरी बात आसान भाषा में: IGST कब लगता है।

MRP से GST कैसे निकालें

पैक्ड सामान पर MRP के पास देखिए। “Incl. of all taxes” (सभी करों सहित) लिखा हो, तो MRP में GST पहले से जुड़ा है। उसमें से GST निकालने का तरीका वही है: MRP ÷ (1 + रेट ÷ 100)।

उदाहरण: MRP ₹590, उदाहरण रेट 18%। 590 ÷ 1.18 = ₹500 टैक्स से पहले, GST ₹90।

MRP से कम में बेचा, तो GST उसी दाम पर बनता है जो आप सच में लेते हैं, क्योंकि GST सौदे की असली क़ीमत पर लगता है (CGST धारा 15)। वही सामान ₹531 में बेचा, तो 531 ÷ 1.18 = ₹450 टैक्स से पहले, GST ₹81।

MRP से रेट पता नहीं चलता। रेट सामान की क़िस्म (HSN कोड) से तय होता है।

मोबाइल कैलकुलेटर और Excel में

मोबाइल कैलकुलेटर:

  • GST निकालना: 11800 ÷ 1.18 = 10000; फिर 11800 − 10000 = 1800
  • GST जोड़ना: 10000 × 1.18 = 11800

Excel या Google Sheets: कॉलम A में रक़म, कॉलम B में रेट (जैसे 18) लिखिए।

Excel में GST के फ़ॉर्मूले
क्या चाहिएफ़ॉर्मूला
टोटल से टैक्स से पहले की रक़म=A2/(1+B2/100)
टोटल में से GST=A2-A2/(1+B2/100)
रक़म पर GST जोड़ना=A2*B2/100
GST जोड़कर टोटल=A2*(1+B2/100)
पैसे तक (2 दशमलव)=ROUND(A2/(1+B2/100),2)

बिना फ़ॉर्मूले के करना हो, तो हमारा मुफ़्त GST कैलकुलेटर खोलिए: “Add GST” से जोड़िए, “Remove GST” से निकालिए, साथ में CGST + SGST या IGST का बँटवारा भी दिखता है।

पैसे और राउंड ऑफ़

हर बार हिसाब इतना साफ़ नहीं बैठता। मान लीजिए ₹250 का सामान, 18% (उदाहरण रेट) GST मिलाकर:

  • 250 ÷ 1.18 = 211.864…, पैसे तक ₹211.86
  • GST = 250 − 211.86 = ₹38.14

अब बिल पर ₹211.86 लिखकर उस पर 18% GST लगाएँ, तो ₹38.13 आता है और टोटल ₹249.99। यह 1 पैसे का फ़र्क पैसों को गोल करने से आता है, कोई ग़लती नहीं।

बिल पर हर रक़म पैसे तक लिखिए। टोटल को पूरे रुपये में करना हो, तो फ़र्क को “राउंड ऑफ़” की अलग लाइन में दिखाइए (यहाँ +₹0.01, टोटल ₹250)। बहुत-से दुकानदार यही करते हैं; अपने बिलों के लिए यह तरीका CA से पक्का कर लीजिए।

क़ानून में राउंडिंग का एक नियम ज़रूर है: CGST धारा 170 के मुताबिक़ सरकार को देय टैक्स, ब्याज, जुर्माना और रिफ़ंड की रक़म नज़दीकी रुपये तक गोल होती है: 50 पैसे या ज़्यादा हो तो अगला रुपया, 50 पैसे से कम हो तो छोड़ दीजिए।

पक्के बिल पर कैसे लिखें

GST वाले बिल (टैक्स इनवॉइस) पर टैक्स से पहले की रक़म, GST का रेट और GST की रक़म अलग-अलग लिखनी होती है (CGST नियम 46)। इसलिए भाव “GST मिलाकर” तय हुआ हो, तो बिल बनाने से पहले टैक्स से पहले का रेट निकाल लीजिए।

कोटेशन या भाव लिखते समय भी साफ़ लिखिए: “₹10,000 + GST” या “₹11,800 (GST सहित)”। बाद की आधी बहस यहीं ख़त्म हो जाती है। कोटेशन का तरीका: कोटेशन कैसे बनाएं। भाव पर डिस्काउंट दे रहे हैं, तो GST किस रक़म पर लगेगा, यह (अंग्रेज़ी में) यहाँ देखिए: Discount on a GST invoice।

कौन-सा रेट?

GST काउंसिल की 56वीं बैठक की सिफ़ारिशों के बाद 22 सितंबर 2025 से ज़्यादातर सामान और सेवाओं पर दो मुख्य रेट हैं: 5% और 18%। कुछ गिनी-चुनी चीज़ों पर 40% है, और कुछ चीज़ों पर GST शून्य (Nil) कर दिया गया (GST काउंसिल की प्रेस रिलीज़)। बहुत-सा सामान 12% और 28% से हटकर 5% या 18% पर आया, इसलिए पुरानी रेट लिस्ट से हिसाब मत लगाइए।

किस सामान पर कौन-सा रेट, यह उसके HSN कोड से तय होता है। हम यहाँ कोई रेट लिस्ट नहीं दे रहे। अपना कोड और रेट ऐसे देखिए:

BillBabu App में

BillBabu App में बिल बनाते समय सामान का रेट GST से पहले वाला डाला जाता है। उसके बाद ऐप ख़ुद हिसाब करता है:

  • हर लाइन की रक़म (मात्रा × रेट) और उस पर GST;
  • आपके राज्य और पार्टी के राज्य से तय करके CGST + SGST या IGST;
  • Classic और Ledger डिज़ाइन वाले बिल में टोटल पूरे रुपये में, साथ में “Round off” की लाइन। बाक़ी डिज़ाइन पैसे तक का सही टोटल छापते हैं।

ऐप में “GST मिलाकर” वाला भाव डालने का विकल्प नहीं है। भाव GST सहित है, तो पहले GST कैलकुलेटर या ऊपर के फ़ॉर्मूले से टैक्स से पहले का रेट निकालिए, फिर वही रेट ऐप में डालिए। बिल बनाने के पूरे क़दम: मोबाइल से GST बिल बनाने का पूरा तरीका।

सवाल-जवाब

18% GST कैसे निकालें?
रक़म GST से पहले की है, तो उसे 18 से गुणा करके 100 से भाग दीजिए: ₹10,000 पर ₹1,800। रक़म में GST शामिल है, तो उसे 1.18 से भाग दीजिए: ₹11,800 ÷ 1.18 = ₹10,000, यानी GST ₹1,800।
टोटल अमाउंट से GST कैसे निकालें?
टोटल ÷ (1 + रेट ÷ 100) = टैक्स से पहले की रक़म। टोटल में से इसे घटाइए, जो बचे वह GST है। टोटल का सीधा प्रतिशत मत लगाइए, उससे GST ज़्यादा निकलता है।
1000 का 18% GST कितना होगा?
₹1,000 GST से पहले है, तो GST ₹180 और टोटल ₹1,180। ₹1,000 में GST शामिल है, तो 1,000 ÷ 1.18 = ₹847.46 टैक्स से पहले और GST ₹152.54।
GST जोड़ने का फ़ॉर्मूला क्या है?
GST = रक़म × रेट ÷ 100, और टोटल = रक़म + GST। छोटा तरीका: रक़म × (1 + रेट ÷ 100), जैसे 18% के लिए × 1.18।
क्या MRP में GST शामिल होता है?
पैकेट पर MRP के साथ “Incl. of all taxes” लिखा हो, तो हाँ, उसमें GST जुड़ा है। उसमें से GST निकालने के लिए MRP को (1 + रेट ÷ 100) से भाग दीजिए। MRP से कम में बेचें, तो GST उसी दाम पर बनता है जिस पर बेचा।

शुरू कैसे करें

एक-दो रक़म जाँचनी हों, तो मुफ़्त GST कैलकुलेटर खोलिए: जोड़िए या हटाइए, बँटवारे के साथ। रोज़ के पक्के बिल मोबाइल से बनाने हों, तो BillBabu App में रेट डालिए, GST और टोटल ऐप जोड़ देगा। शुरुआती बिल फ़्री, कार्ड की ज़रूरत नहीं; ज़्यादा बिलों के लिए Pro (पेड, Google Play से)।

Google Play पर BillBabu App डाउनलोड करें →

ज़रूरी बात: यह पेज आम जानकारी के लिए है, टैक्स या क़ानूनी सलाह नहीं। ऊपर के नियम अक्टूबर 2026 तक के हैं और आगे बदल सकते हैं। कोई भी फ़ैसला लेने से पहले GST पोर्टल और CBIC पर ताज़ा नियम देखिए और अपने CA से बात कीजिए।

BillBabu App, Central Bharat Labs का एक प्राइवेट ऐप है; यह कोई सरकारी सेवा नहीं देता और भारत सरकार, GSTN या CBIC से जुड़ा नहीं है।

नियम जाँचे गए: 27 अक्टूबर 2026। सरकारी स्रोत: GST काउंसिल, 56वीं बैठक, CGST धारा 15, धारा 9, धारा 170, नियम 46, IGST धारा 5, IGST धारा 7, IGST धारा 8।

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