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title: "IGST कब लगता है: दूसरे राज्य का GST बिल कैसे बनाएं"
description: "माल दूसरे राज्य में पहुँच रहा है तो IGST, अपने ही राज्य में तो CGST + SGST। प्लेस ऑफ़ सप्लाई, GSTIN से राज्य की पहचान और आम गलतियाँ, उदाहरण के साथ।"
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last_updated: "2026-10-27"
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# IGST कब लगता है: दूसरे राज्य की पार्टी का GST बिल

“जयपुर से माल अहमदाबाद भेजना है, बिल में IGST लगेगा या CGST-SGST?” नया GST नंबर लेने वाले हर दुकानदार के सामने यह सवाल आता है।

अच्छी बात यह है कि नियम सीधा है। बस एक सवाल पूछिए: माल पहुँच कहाँ रहा है?

In English: [CGST, SGST and IGST explained](https://billbabu.com/blog/cgst-sgst-igst-explained-india)

## सीधा नियम: माल किस राज्य में पहुँच रहा है

IGST का पूरा नाम है Integrated Goods and Services Tax। हिसाब ऐसे बैठता है:

- **आपकी दुकान और प्लेस ऑफ़ सप्लाई एक ही राज्य में:** यह अपने राज्य की बिक्री है (intra-state)। बिल पर CGST + SGST लगेगा ([IGST क़ानून, धारा 8](https://taxinformation.cbic.gov.in/content/html/tax_repository/gst/acts/2017_IGST_Act/active/chapteriv/section8_v1.00.html))।
- **दोनों अलग-अलग राज्य में:** यह दूसरे राज्य की बिक्री है (inter-state)। बिल पर IGST लगेगा ([धारा 7](https://taxinformation.cbic.gov.in/content/html/tax_repository/gst/acts/2017_IGST_Act/active/chapteriv/section7_v1.00.html))।

अब “प्लेस ऑफ़ सप्लाई” क्या है? माल गाड़ी से जा रहा है, तो जहाँ उसका सफ़र ख़त्म होकर पार्टी को डिलीवरी मिलती है, वही प्लेस ऑफ़ सप्लाई है ([धारा 10(1)(a)](https://taxinformation.cbic.gov.in/content/html/tax_repository/gst/acts/2017_IGST_Act/active/chapterv/section10_v1.00.html))। गाड़ी आप भेजें या पार्टी, इससे फ़र्क नहीं पड़ता।

याद रखने का आसान तरीका: राज्य वही, तो CGST + SGST। राज्य बदला, तो IGST।

## एक ही सौदा, दो तरह का बिल

**उदाहरण (नाम काल्पनिक):** जयपुर (राजस्थान) के “शर्मा टाइल्स” ने ₹50,000 का माल बेचा, 18% (उदाहरण रेट) GST पर।

| पार्टी कहाँ है | बिल पर टैक्स | कुल बिल |
| --- | --- | --- |
| जयपुर की ही पार्टी (राजस्थान) | CGST 9% ₹4,500 + SGST 9% ₹4,500 | ₹59,000 |
| अहमदाबाद की पार्टी (गुजरात) | IGST 18% ₹9,000 | ₹59,000 |

पार्टी की जेब से उतना ही गया; फ़र्क बस इतना है कि टैक्स किसके खाते में गया। अपने राज्य वाली बिक्री में आधा केंद्र का (CGST) और आधा राज्य का (SGST)। दूसरे राज्य वाली बिक्री में पूरा IGST, जिसे केंद्र सरकार वसूलती है। CBIC के अपने [FAQ](https://cbic-gst.gov.in/aces/Documents/faq-on-gst.pdf) में भी लिखा है कि IGST मोटे तौर पर CGST और SGST के जोड़ के बराबर होता है।

किसी भी रक़म पर ख़ुद हिसाब लगाना हो, तो [GST कैलकुलेटर: CGST + SGST या IGST](https://billbabu.com/tools/gst-calculator) चलाइए। IGST वाले बिल का भरा हुआ नमूना (अंग्रेज़ी में) यहाँ है: [GST bill format](https://billbabu.com/formats/gst-bill-format)।

## पार्टी का राज्य कैसे पहचानें: GSTIN के पहले दो अंक

GSTIN 15 अक्षर का होता है: पहले दो अंक राज्य का कोड, फिर दस अक्षर का PAN, फिर दो अक्षर और आख़िर में एक जाँच वाला अक्षर ([CBIC, रजिस्ट्रेशन नियम](https://cbic-gst.gov.in/gst-registration-rules.html))। इसलिए GSTIN देखते ही पार्टी का राज्य पता चल जाता है।

कुछ राज्यों के कोड, [सरकारी e-invoice पोर्टल की सूची](https://einvoice1.gst.gov.in/Others/MasterCodes) से:

| कोड | राज्य | कोड | राज्य |
| --- | --- | --- | --- |
| 07 | दिल्ली | 24 | गुजरात |
| 08 | राजस्थान | 27 | महाराष्ट्र |
| 09 | उत्तर प्रदेश | 29 | कर्नाटक |
| 10 | बिहार | 33 | तमिलनाडु |
| 19 | पश्चिम बंगाल | 36 | तेलंगाना |
| 23 | मध्य प्रदेश | 37 | आंध्र प्रदेश |

मान लीजिए आपकी दुकान जयपुर में है (कोड 08) और पार्टी का GSTIN 24 से शुरू होता है। यानी पार्टी गुजरात की है, और माल वहीं जा रहा है, तो बिल IGST वाला बनेगा।

## दूसरे राज्य की पार्टी का बिल कैसे बनाएं

1. GSTIN और पता मिलाइए।

   GSTIN के पहले दो अंक और पार्टी के पते का राज्य एक ही होना चाहिए। मेल न खाए तो पार्टी से पूछ लीजिए।
2. प्लेस ऑफ़ सप्लाई लिखिए।

   दूसरे राज्य वाले बिल पर प्लेस ऑफ़ सप्लाई, राज्य के नाम के साथ, लिखना ज़रूरी है ([नियम 46](https://taxinformation.cbic.gov.in/content/html/tax_repository/gst/rules/cgst_rules/active/chapter6/rule46_v1.00.html))।
3. पूरा GST, IGST में।

   18% का माल है तो IGST 18%, आधा-आधा नहीं।
4. डिलीवरी का पता अलग हो, तो वह भी।

   माल प्लेस ऑफ़ सप्लाई से अलग पते पर उतरना है, तो डिलीवरी का पता भी बिल पर लिखिए (नियम 46)।
5. e-way bill देखिए।

   खेप ₹50,000 से ज़्यादा की है और गाड़ी से जा रही है, तो आम तौर पर e-way bill चाहिए ([e-way bill FAQ](https://docs.ewaybillgst.gov.in/html/faq_new.html))।

## पेच वाले मामले

### बिल एक पार्टी को, माल दूसरी जगह (Bill to, Ship to)

पार्टी कहती है, “बिल हमारे नाम बनाओ, माल हमारे ग्राहक की साइट पर उतार दो।” ऐसे में क़ानून मानता है कि माल उसी पार्टी ने लिया जिसके कहने पर डिलीवरी हुई। प्लेस ऑफ़ सप्लाई उस पार्टी के कारोबार की मुख्य जगह होती है ([धारा 10(1)(b)](https://taxinformation.cbic.gov.in/content/html/tax_repository/gst/acts/2017_IGST_Act/active/chapterv/section10_v1.00.html))।

**उदाहरण (नाम काल्पनिक):** लखनऊ (UP) के एक डीलर को भोपाल (MP) की “वर्मा इंफ़्रा” ऑर्डर देती है, और कहती है कि माल लखनऊ में ही उसके ग्राहक “सिंह कंस्ट्रक्शन” की साइट पर उतरे। माल UP से बाहर गया ही नहीं, फिर भी प्लेस ऑफ़ सप्लाई मध्य प्रदेश बनता है और बिल IGST वाला। ऐसे सौदे में एक बार CA से पक्का कर लीजिए।

अंग्रेज़ी में पूरी जानकारी: [Bill to ship to under GST](https://billbabu.com/blog/bill-to-ship-to-gst)।

### बिना GST नंबर वाला ग्राहक

ग्राहक GST में रजिस्टर्ड नहीं है, तो प्लेस ऑफ़ सप्लाई वह जगह मानी जाती है जिसका पता बिल पर लिखा है। पता न लिखा हो, तो आपकी दुकान की जगह। बिल पर ग्राहक के राज्य का नाम लिखना भी पता लिखने के बराबर माना जाता है ([धारा 10(1)(ca)](https://taxinformation.cbic.gov.in/content/html/tax_repository/gst/acts/2017_IGST_Act/active/chapterv/section10_v1.00.html))।

CBIC के [सर्कुलर 209/3/2024](https://gstcouncil.gov.in/sites/default/files/2024-09/circular-no-209-03-2024.pdf) के मुताबिक़ यह नियम 1 अक्टूबर 2023 से लागू है, और बिल पर डिलीवरी का पता अलग लिखा हो तो प्लेस ऑफ़ सप्लाई वही डिलीवरी वाला पता है।

सीख: दूसरे राज्य के बिना-GST ग्राहक को माल भेज रहे हैं, तो बिल पर उसका पता और राज्य ज़रूर लिखिए। ₹50,000 या उससे ज़्यादा के ऐसे बिल पर नाम, पता, डिलीवरी का पता और राज्य का नाम व कोड लिखना वैसे भी ज़रूरी है (नियम 46)।

### सर्विस का बिल

सर्विस का नियम अलग है। रजिस्टर्ड पार्टी को सर्विस दी, तो प्लेस ऑफ़ सप्लाई उस पार्टी की जगह है ([धारा 12(2)](https://taxinformation.cbic.gov.in/content/html/tax_repository/gst/acts/2017_IGST_Act/active/chapterv/section12_v1.00.html))। बिना-GST ग्राहक हो तो रिकॉर्ड में उसका पता, और पता न हो तो आपकी जगह। इमारत या ज़मीन से जुड़े काम जैसी कुछ सर्विस के नियम अलग हैं; वहाँ CA से पूछिए।

### दूसरे राज्य का GST वाला ग्राहक दुकान से ख़ुद माल ले जाए

यह मामला पेचीदा है, और इस पर एक लाइन का जवाब देना ठीक नहीं। ऐसा सौदा करने से पहले अपने CA से पूछ लीजिए।

## आम गलतियाँ

- **पार्टी का राज्य ग़लत चुनना।** एक ग़लत चुनाव, और पूरे बिल का टैक्स ग़लत खाने में।
- **दूसरे राज्य वाले बिल पर CGST + SGST, या अपने राज्य वाले पर IGST।** ग़लत खाने में भरे टैक्स की वापसी का रास्ता क़ानून में है, पर सही खाने में टैक्स भरना पड़ता है ([CGST धारा 77](https://taxinformation.cbic.gov.in/content/html/tax_repository/gst/acts/2017_CGST_act/active/chapter15/section77_v1.00.html))। GSTR-1 की गलती सुधारने की भी आख़िरी तारीख़ है: वित्त वर्ष ख़त्म होने के बाद वाला 30 नवंबर, या सालाना रिटर्न भरने की तारीख़, जो पहले आए ([धारा 37](https://taxinformation.cbic.gov.in/content/html/tax_repository/gst/acts/2017_CGST_act/active/chapter9/section37_v1.00.html), अक्टूबर 2026 तक)। गलती पकड़ में आते ही CA को बताइए।
- **GSTIN का कोड और पते का राज्य अलग-अलग।** बिल बनाने से पहले एक नज़र मिला लीजिए।
- **प्लेस ऑफ़ सप्लाई ख़ाली छोड़ना।** दूसरे राज्य वाले बिल पर यह ज़रूरी है।

## BillBabu App में

पार्टी जोड़ते समय उसका राज्य सही चुनिए, बाक़ी हिसाब उसी से चलता है। बिल बनाते समय “प्लेस ऑफ़ सप्लाई” वाला खाना पार्टी के राज्य से अपने-आप भर जाता है।

सेव करने से पहले समीक्षा वाले पेज पर ऐप दिखा देता है कि यह “एक ही राज्य में लेनदेन (CGST + SGST)” है या “दूसरे राज्य से लेनदेन (IGST)”, साथ में आपके राज्य से पार्टी के राज्य तक का नाम भी। कुछ गड़बड़ लगे, तो वहीं रुककर पार्टी का राज्य ठीक कर लीजिए।

माल किसी और पते पर उतरना हो, तो बिल में “Ship To” (माल कहाँ उतरेगा) अलग से भरने की जगह है। GSTIN डालते समय ऐप उसका फ़ॉर्मेट जाँचता है, पर पोर्टल से मिलान नहीं करता। नई पार्टी हो, तो उसका GSTIN एक बार [GST पोर्टल पर](https://services.gst.gov.in/services/searchtp) देख लीजिए।

## सवाल-जवाब

**IGST का पूरा नाम क्या है?**

Integrated Goods and Services Tax। दूसरे राज्य वाली बिक्री पर यही लगता है।

**IGST और CGST + SGST में कुल टैक्स बराबर होता है?**

हाँ, मोटे तौर पर। 18% वाले सामान पर अपने राज्य में 9% + 9%, दूसरे राज्य में 18% IGST। पार्टी के लिए कुल बिल वही रहता है।

**दूसरे राज्य के माल पर e-way bill कब लगता है?**

आम नियम में, जब खेप की क़ीमत ₹50,000 से ज़्यादा हो। कुछ सामान और हालात के अपने नियम हैं, इसलिए [e-way bill पोर्टल](https://ewaybillgst.gov.in/) देखिए। e-way bill उसी पोर्टल पर बनता है; BillBabu App e-way bill नहीं बनाता।

## शुरू कैसे करें

दूसरे राज्य की पार्टियों को रोज़ बिल भेजते हैं, तो Play Store पर **billbabu** सर्च कीजिए। पार्टी का राज्य एक बार सेव कीजिए; बिल सेव करने से पहले BillBabu App दिखा देता है कि CGST + SGST लगेगा या IGST। फ़्री में शुरू कीजिए, कार्ड की ज़रूरत नहीं; अनलिमिटेड बिल के लिए Pro (पेड) लीजिए।

[Google Play पर BillBabu App डाउनलोड करें →](https://play.google.com/store/apps/details?id=com.billbabu.app&referrer=utm_source%3Dwebsite%26utm_medium%3Dhi_igst%26utm_campaign%3Dorganic)

**ज़रूरी बात:** यह पेज आम जानकारी के लिए है, टैक्स या क़ानूनी सलाह नहीं। ऊपर के नियम अक्टूबर 2026 तक के हैं और आगे बदल सकते हैं। कोई भी फ़ैसला लेने से पहले [GST पोर्टल](https://www.gst.gov.in/) और [CBIC](https://cbic-gst.gov.in/) पर ताज़ा नियम देखिए और अपने CA से बात कीजिए।

BillBabu App, Central Bharat Labs का एक प्राइवेट ऐप है; यह कोई सरकारी सेवा नहीं है और भारत सरकार, GSTN या CBIC से जुड़ा नहीं है।

नियम जाँचे गए: 23 अक्टूबर 2026। मुख्य सरकारी स्रोत: [IGST धारा 10](https://taxinformation.cbic.gov.in/content/html/tax_repository/gst/acts/2017_IGST_Act/active/chapterv/section10_v1.00.html), [सर्कुलर 209/3/2024](https://gstcouncil.gov.in/sites/default/files/2024-09/circular-no-209-03-2024.pdf), [CGST नियम 46](https://taxinformation.cbic.gov.in/content/html/tax_repository/gst/rules/cgst_rules/active/chapter6/rule46_v1.00.html), [e-way bill FAQ](https://docs.ewaybillgst.gov.in/html/faq_new.html)।

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- [पक्का बिल और कच्चा बिल फ़र्क क्या है, कौन-सा कब चलता है।](https://billbabu.com/hi/pakka-bill-kacha-bill)
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- [Bill to ship to under GST बिल एक पार्टी को, माल दूसरी जगह (अंग्रेज़ी में)।](https://billbabu.com/blog/bill-to-ship-to-gst)
- [Wrong GSTIN on an invoice बिल पर ग़लत GSTIN चला गया तो क्या करें (अंग्रेज़ी में)।](https://billbabu.com/blog/wrong-gstin-on-invoice-correction)
- [GST Calculator किसी भी रक़म पर GST जोड़िए या निकालिए (अंग्रेज़ी में)।](https://billbabu.com/tools/gst-calculator)

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